जीएसटी चोरी में समन या नोटिस पर सील होंगे बैंक खाते, जून-जुलाई तक लागू हो सकता है प्रस्तावित कानून

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जीएसटी चोरी करने वालों की अब खैर नहीं है। सरकार जीएसटी चोरी मामले में सख्ती और बढ़ाने जा रही है। बजट में जीएसटी से जुड़े प्रस्तावित कानून के मुताबिक, अगर किसी व्यापारी को जीएसटी चोरी मामले में समन या नोटिस मिलता है तो आयुक्त उसके बैंक खाते और प्रॉपर्टी को सील कर सकेंगे। फिलहाल किसी व्यापारी के बैंक खाते और प्रॉपर्टी को तभी सील किया जाता है, जब जीएसटी चोरी का मामला साबित हो जाता है। जीएसटी चोरी मामले में सीजीएसटी एक्ट की धारा 83 के तहत नोटिस या समन दिया जाता है। पहली फरवरी को पेश बजट में जीएसटी चोरी पर सख्ती के लिए कई नियमों में बदलाव का प्रस्ताव रखा गया है।  

मार्च आखिर तक केंद्र की तरफ से इन बदलावों को अधिसूचित किया जा सकता है। राज्यों को भी अपने-अपने स्तर पर इन्हें अधिसूचित करना होगा। विशेषज्ञों के मुताबिक जून-जुलाई तक प्रस्तावित कानून लागू हो जाएगा। प्रस्तावित कानून में ई-वे बिल में हेराफेरी और वस्तुओं के आवागमन पर पूरा नियंत्रण रखने के लिए बदलाव किए गए हैं। ई-वे बिल में हेराफेरी या नियमों का पालन नहीं करने पर होने वाले जुर्माने को चुनौती देने के लिए अपील में जाने के नियम में बदलाव का प्रस्ताव है। अपील में जाने के लिए जुर्माने की राशि का 25 फीसद पहले जमा करना होगा। सामान्यत: यह राशि 10 फीसद होती है।

जीएसटी कानून विशेषज्ञ एवं चार्टर्ड अकाउंटेंट राजिंदर अरोड़ा ने बताया कि सरकार के इन नियमों से निश्चित रूप से जीएसटी चोरी कम होगी। लोग किसी भी प्रकार की हेराफेरी करने के लिए हतोत्साहित होंगे। हालांकि ऐसे लोगों की संख्या एक से दो फीसद तक ही होती है। सरकार को सुनिश्चित करना होगा कि अन्य कारोबारियों को कानून में प्रस्तावित बदलावों से परेशानी न हो।