हरीश रावत ने ऐसा क्यों कहा की   अगर ऐसा हो गया तो में राजनीति छोड़ दूंगा,पढ़े पूरी खबर

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रामलीला मैदान में गुरुवार को कांग्रेस ने विजय संकल्प एवं शंखनाद जनसभा के जरिये भाजपा सरकार के खिलाफ हुंकार भरी। वरिष्ठ नेताओं ने भाजपा को सत्ता से उखाड़ने का संकल्प लिया।

3200 युवाओं के नाम बता दे तो राजनीति छोड़ देंगे रावत

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने रोजगार पर प्रदेश सरकार को निशाने पर लेकर कहा कि उन्होंने तीन वर्ष के शासनकाल में 23 हजार युवाओं को नौकरी दी थी। भाजपा सरकार अगर अपने साढ़े चार साल के कार्यकाल में नौकरी पाने वाले 3200 युवाओं के नाम बता दे तो वह राजनीति छोड़ देंगे।

कई दिनों से टल रही कांग्रेस की जनसभा गुरुवार को हुई तो वरिष्ठ नेता पूरी तरह चुनाव तैयारी में दिखे। पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि भाजपा के शासन में बेरोजगारी बढ़ी है। युवा नौकरी के लिए परेशान हैं। 2022 में सरकार बनने पर सरकारी महकमों में रिक्त पदों पर प्राथमिकता के आधार पर भर्ती की जाएगी। गौरादेवी, नंदादेवी कन्याधन योजनाएं फिर से शुरू की जाएंगी। कर्मचारियों की पुरानी पेंशन लागू करने के लिए दिल्ली में वकालत करेंगे।

सरकार विपक्ष की आवाज को दबा नहीं सकती: आर्य

हरीश रावत ने कहा कि जब उनकी सरकार थी तब प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय 73 हजार से बढ़कर एक लाख 75 हजार रुपये वार्षिक पहुंच गई थी जिसे 2022 में सरकार बनने पर तीन लाख करने का संकल्प है। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को खनन प्रेमी की संज्ञा देते हुए कहा कि उन्हें विकास और कल्याणकारी योजनाओं से कोई लेना देना नहीं है।

रावत ने कहा कि अब 2022 में उत्तराखंड में और 2024 में केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनेगी। राहुल गांधी प्रधानमंत्री के रूप में दिल्ली के लालकिले पर तिरंगा फहराएंगे। उन्होंने यशपाल आर्य की पार्टी वापसी को कांग्रेस के दिल के टुकड़े की वापसी बताया। 

पूर्व मंत्री यशपाल आर्य ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ब्यूरोक्रेसी का यह हाल है कि अफसर मंत्रियों तक के फोन नहीं उठाते। कोई भी छोटे से छोटा चुनाव हो लेकिन वोट प्रधानमंत्री मोदी के नाम पर ही मांगे जाते हैं। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव ने भी भाजपा सरकार को घेरा। 

रावत ने कहा था कि सरकारी तंत्र की जानकारी में कांग्रेस का पूर्व प्रस्तावित शंखनाद कार्यक्रम था, लेकिन भाजपा ने उस पर खलल डालने के लिए सरकारी तंत्र को आगे किया। सरकार ने कार्यक्रम की व्यापकता को भांपते हुए षड्यंत्र के तहत मुख्यमंत्री का कार्यक्रम लगाया।