उत्तराखंड: धर्मनगरी में एक तीर से सभी धर्मों के लोगों को साध गए केजरीवाल,जाने क्या कहा

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आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल मुफ्त तीर्थ यात्रा की घोषणा के एक तीर से सभी धर्मों के लोगों को तो साध गए। हरिद्वार में रहते धार्मिक कार्ड खेलते समय वह गंगा को ही भूल गए। अपने पूरे कार्यक्रम के दौरान उन्होंने गंगा का कोई जिक्र नहीं किया। तीन दिनों से किसान आंदोलन और कृषि कानून वापस लेने का मामला गरमाया हुआ। इसके बाद भी उन्होंने इन दोनों का जिक्र नहीं किया।

केजरीवाल का उत्तराखंड का तीसरा दौरा
विधानसभा चुनाव के मद्देजनर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल का उत्तराखंड का यह तीसरा दौरा था। यहां उन्होंने दिल्ली की तर्ज पर मुफ्त यात्रा शुरू करने की घोषणा करके धर्मनगरी के लोगों को साधने का काम किया। यही नहीं हरिद्वार जिले में पिरान कलियर, भगवानपुर, मंगलौर, हरिद्वार ग्रामीण, लक्सर खानपुर में सीट पर मुस्लिम वोटर की अच्छा खासी संख्या होने पर पर उनको भी अपने पक्ष में करने की कोशिश की।

न तो किसानों के बारे में कुछ बोले और न ही कृषि कानूनों पर
इसी तरह से हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में सिख समुदाय के लोगों की संख्या ठीकठाक है। इसलिए सिख समुदाय को भी निराश नहीं किया। इसके अलावा धर्मनगरी के ऑटो वालों से सीधे बात कर दिल्ली की तर्ज पर उन्हें अपने पाले में करने की कोशिश की। लेकिन हरिद्वार शहर की सीट को छोड़कर सभी सीटों पर किसानों का प्रभाव होने के बाद भी न तो किसानों के बारे में कुछ बोले और न ही कृषि कानूनों पर।

किसानों को लेकर बड़ी घोषणा होने की थी उम्मीद
जबकि तीसरी गारंटी में केजरीवाल से किसानों को लेकर बड़ी घोषणा होने की उम्मीद थी। धर्मनगरी में आने वाले सभी राजनीतिक दलों के बड़े नेता गंगा मैया की पूजा अर्चना और गंगा की बात जरूर करते हैं। केजरीवाल ने अपनी प्रेस वार्ता और रोड शो के दौरान इसका कोई जिक्र नहीं किया। रोड शो के समापन पर अपने भाषण की शुरूआत में देवनगरी और देवनगरी की जनता को सलाम, नमन और प्रणाम जरूर किया।