सड़कों पर सैलाब, डूबे मकान…भारी बारिश-बाढ़ से बेहाल गुजरात का जामनगर

गुजरात के जामनगर, राजकोट और जूनागढ़ में भारी बारिश के चलते बाढ़ जैसे स्थिति हो गई है। इससे 173 गांव प्रभावित हुए हैं। जामनगर से तो 35 गांवों का संपर्क ही कट गया है। रेस्क्यू टीमें बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटी हैं। वहीं, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कल शपथ लेने के बाद ही बाढ़ को लेकर इमरजेंसी बैठक बुलाई और राहत और बचाव का काम तेज करने के निर्देश दिए हैं। आज वे सौराष्ट्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे।

मूसलाधार बारिश से आई बाढ़ से जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सड़कों पर सैलाब के बीच कारें बह रही हैं, घर-मकान डूब गए हैं, जिससे लोग भूखे-प्यासे छतों पर डेरा डाले हुए हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए हेलिकॉप्टर तक उतारने पड़े हैं। निचले इलाकों में अब भी हालात भयानक हैं और यहां से लोगों को निकालने का काम जारी है।

जामनगर के 18 बांध ओवरफ्लो

सितंबर के पहले तक जहां सौराष्ट्र में सूखे का खतरा मंडरा रहा था, वहीं अब लगातार बारिश के चलते जामनगर जिले के सभी 18 बांध ओवरफ्लो हो चुके हैं। भारी बारिश के कारण जामनगर और आस-पास के इलाकों में नदियां उफान पर हैं। कई जगह नदियां खतरे का निशान पार कर चुकी हैं। ऐसे में आसपास के लोगों को काफी परेशानी हो रही है। हालात को देखते हुए कई गांवों को अलर्ट किया गया है।

18 सितंबर तक बारिश का अलर्ट

बारिश से लगभग पूरे सौराष्ट्र का हाल बेहाल है। वहीं, यहां के सबसे बड़े शहर राजकोट के कई इलाकों में सैलाब ही सैलाब नजर आ रहा है। बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने का काम चौबीसों घंटे जारी है। इस बीच मौसम विभाग ने 18 सितंबर तक गुजरात में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के मुताबिक गुजरात के तटीय इलाकों खासकर जामनगर, जूमागढ़, पोरबंदर, द्वारका, ओखा, राजकोट के कई हिस्सों में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की भी संभावना है। अहमदाबाद में भी हल्की बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है।

मछुआरों के लिए भी अलर्ट जारी
मौसम विभाग की ओर से बारिश के अलर्ट के बाद मछुआरों को समंदर में न जाने की सलाह दी गई है। इसके अलावा समंदर में गए सैकड़ों मछुआरों को वापस बुला लिया गया है।