कोरोना नियंत्रण से जुड़े पिछले आदेश उत्तराखंड में फिर लागू, नियम तोड़ने पर सख्ती

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उत्तराखंड में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए इस  पर नियंत्रण के लिए सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। वर्ष 2020 में जितने भी आदेश, कोरोना नियंत्रण से जुड़े थे, उन्हें दोबारा लागू कर दिया गया है। प्रभारी सचिव स्वास्थ्य डॉ. पंकज पांडे की ओर से जरूरी निर्देश जारी किए गए हैं।

सरकार के निर्देश

-स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी वस्तुओं की कोई जमाखोरी नहीं करेगा।

-सरकारी-निजी संस्थानों को कोविड मानकों का पालन करना होगा।

-सही सूचनाओं का प्रसारण कराना होगा। ताकि भ्रम की स्थिति न फैले।

-उत्तराखंड में कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग का काम सख्ती के साथ होगा।

-प्राइवेट लैबों में कोरोना सैंपलों की टेस्टिंग नियमानुसार की जाएगी।

-सभी तरह के होम आइसोलेशन वाले मरीजों का ख्याल रखा जाए। नियमित रूप से दिन में एक बार इनसे बात की जाए। इसके लिए कंट्रोल रूम में निगरानी के लिए अफसर तैनात किए जाएंगे।

-कोविड केयर सेंटरों में दवा, उपकरण, एंबुलेंस, सीसीटीवी से निगरानी के साथ सरकारी-निजी अस्पताल, होटलों में कमरों की व्यवस्था हो।

-मरीज के पॉजिटिव आने के चार घंटे में उन्हें मेडिकल किट दी जाए। 

-अस्पतालों को नियमित देनी होगी जानकारी: शासन ने कहा है कि कोविड इलाज वाले निजी अस्पतालों को पीआरओ नियुक्त करने होंगे, जो रोजाना दवा-उपकरणों और मरीजों की स्थिति का अपडेट देंगे।

कोविड इलाज की जरूरी दवाइयों की कालाबाजारी पर तीरथ सरकार सख्त हो गई है। सीएम तीरथ सिंह रावत ने उन्होंने अफसरों को ऐसे दवा विक्रेताओं को चिन्हित कर उनके लाइसेंस निरस्त करने के निर्देश दिए। राज्य में रेडमेसिविर इंजेक्शन की भारी कमी है और कुछ दवा विक्रेता इसकी कालाबाजारी कर रहे हैं। आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान लगातार इस मुद्दे को प्रमुखता से उठा रहा है। सीएम ने कहा कि कोविड से संबंधित सभी जरूरी उपकरण सरकारी अस्पतालों में उपलब्घ होने चाहिए।

दवाइयों की कीमतों पर भी नियंत्रण रखा जाए और जिन जिलों में ज्यादा मामले आ रहे हैं, वहां नोडल अधिकारी भी तैनात करें। उन्होंने आगे की स्थिति का आंकलन करते हुए उसके अनुसार कोविड अस्पताल बनाने व अधिक से अधिक टेस्टिंग पर फोकस के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने कहा कि कोविड नियमों का पालन कराने के लिए जनजागरूकता बहुत जरूरी है। किन-किन बातों का ध्यान रखा जाना है, इसके बारे में विभिन्न माध्यमों से जानकारी दी जाए। बैठक में डीजीपी अशोक कुमार, सचिव अमित नेगी, नितेश झा, शैलेश बगोली, एसए मुरुगेशन, महानिदेशक (सूचना) रणवीर सिंह चौहान आदि मौजूद रहे।

होम आइसोलेशन में कोविड किट दें

तीरथ ने कहा कि होम आइसोलेशन के लिए जरूरी प्रोटोकाल का पूरा पालन कराया जाए। होम आईसोलेशन वालों को जरूरी किट दी जाए और उनसे लगातार संपर्क भी रखा जाए। उन्होंने कोविड केयर सेंटरों को मजबूत करने व वैक्सीनेशन अभियान में भी तेजी लाने के निर्देश दिए।